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Sidhi news :दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान के तृतीय चरण से दुग्ध उत्पादन और किसानों की आय बढ़ाने पर जोर

Sidhi News :कलेक्टर ने चंदवाही में पशुपालकों से किया संवाद, नस्ल सुधार एवं वैज्ञानिक पशुपालन अपनाने की दी सलाह

 

Sidhi News : प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप मध्यप्रदेश को दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के उद्देश्य से संचालित दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान के तृतीय चरण के तहत जिले में व्यापक जनसंपर्क एवं जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। प्रथम एवं द्वितीय चरण की सफलता के बाद जुलाई 2026 में आयोजित तृतीय चरण के अंतर्गत कलेक्टर विकास मिश्रा ने विकासखंड सिहावल के वृंदावन ग्राम चंदवाही पहुंचकर पशुपालकों से संवाद किया तथा उन्हें वैज्ञानिक पशुपालन अपनाकर दुग्ध उत्पादन और आय बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।

 

कलेक्टर ने ग्राम में आयोजित पशुपालक गोष्ठी में सहभागिता करते हुए पशुपालकों से पशुपालन की वर्तमान स्थिति, दूध उत्पादन तथा शासन द्वारा संचालित योजनाओं के लाभ की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकों, बेहतर पशु प्रबंधन और नस्ल सुधार को अपनाकर पशुपालन को लाभकारी व्यवसाय बनाया जा सकता है। इससे न केवल दूध उत्पादन में वृद्धि होगी, बल्कि ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ होगी।

 

 

इस दौरान कलेक्टर ने पशुपालक उमाकांत पांडे से कृत्रिम गर्भाधान (एआई) से उत्पन्न बछड़ों एवं उनके परिणामों की जानकारी ली। श्री पांडे ने बताया कि कृत्रिम गर्भाधान से तैयार गायें प्रतिदिन 12 से 14 लीटर तक दूध दे रही हैं, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने कृत्रिम गर्भाधान को पशुओं की नस्ल सुधार का सबसे प्रभावी माध्यम बताया।

 

 

कलेक्टर ने पशुपालक चंदन सिंह चंदेल के गिर गाय ब्रीडिंग सेंटर का भी निरीक्षण किया। केंद्र की व्यवस्थाओं का अवलोकन करने के बाद उन्होंने गौ सेवक प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रतिभागियों को एक-दो दिन के अध्ययन भ्रमण के लिए इस केंद्र से जोड़ने के निर्देश दिए, ताकि वे बेहतर नस्ल प्रबंधन एवं आधुनिक पशुपालन की व्यवहारिक जानकारी प्राप्त कर सकें।

 

गोष्ठी के दौरान स्थानीय ग्रामीणों एवं पशुपालकों के साथ पशु स्वास्थ्य, संतुलित पशु पोषण, हरे चारे के उत्पादन, नस्ल सुधार, डेयरी प्रबंधन तथा पशुपालन को लाभकारी उद्यम के रूप में विकसित करने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

 

उपसंचालक पशुपालन एवं डेयरी विभाग डॉ. आर.के. सोनी ने बताया कि अभियान के अंतर्गत दो से चार गौवंश अथवा भैंसवंशीय पशु रखने वाले पशुपालकों की पहचान कर उनके घर-घर पहुंचा जा रहा है। विभागीय अधिकारी, कर्मचारी एवं मैत्री कार्यकर्ता व्यक्तिगत संपर्क के माध्यम से पशुपालकों को पशु स्वास्थ्य संरक्षण, संतुलित पोषण, वैज्ञानिक प्रबंधन एवं नस्ल सुधार की आधुनिक तकनीकों की जानकारी दे रहे हैं।

 

उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान पशुपालकों को उत्तम पोषण आहार, चरी एवं हरे चारे का उत्पादन, नियमित टीकाकरण, बधियाकरण, समय पर उपचार तथा कृत्रिम गर्भाधान, सेक्स-सॉर्टेड सीमेन, नियमित गर्भ परीक्षण एवं बांझ पशुओं के उपचार जैसी वैज्ञानिक तकनीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है। विभाग का उद्देश्य वैज्ञानिक पशुपालन को बढ़ावा देकर दुग्ध उत्पादन में वृद्धि करना, पशुपालकों की आय बढ़ाना तथा प्रदेश को डेयरी क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है।

 

इस दौरान उपखंड अधिकारी सिहावल राकेश शुक्ला, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत रोहित उपाध्याय सहित संबंधित विभागीय अधिकारी तथा बड़ी संख्या में पशुपालक उपस्थित रहे।

 

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