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Sidhi News: वन कर्मचारी संघ ने सरकार को दी चेतावनी!

MP News :मध्य प्रदेश वन कर्मचारी संघ के कर्मचारियों की लंबित समस्याओ का निराकरण न होने पर मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर के हाथों 15 सूत्री मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन।

MP Sidhi News: सीधी।प्रदेश स्तरीय बैठक दिनांक 04.12.2022 को भोपाल में लिए गए निर्णय अनुसार भावी अंदोलन की सूचना


ब्रम्हस्वरूप वेतन आयोग,अग्रवाल वेतन आयोग, बोरा मुश्रान समिति की सिपारिश एवं अपर मुख्य सचिव वन द्वारा संघ के साथ 2008 में किया गया लिखित समझौते के पालन/केन्द्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय द्वारा छठे वेतन आयोग को की गई सिपारिश का पत्र क्रमांक एफ0एन0/110011 /01/2006/डीआईआर/आईएफएस दिनांक 25.01.2007 नई दिल्ली के पत्र के पालन में ।


तत्कालीन मा0वनमंत्री गौरीशंकर शेजवार के द्वारा लिखित में दिया गया था आश्वासन पत्र दिनांक 04.05.2018को
विभिन्न बनांचलो में पदस्थ कार्यपालिक वन कर्मचारी जो कि समाज के अंतिम बिन्दु पर रहकर 24 घंटे वन एवं वन्यप्राणियों की सुरक्षा में तपती दोपहर का कड़कड़ाती ठंड एवं घनघोर वर्षा में समाज एवं परिवार से दूर रहकर दवंगता के साथ वनो की सुरक्षा में लगे हुए है ।

इनकी मेहनत त्याग समर्पण से ही पूरे भारत वर्ष में सर्वाधिक वन म0प्र0 में पाये जाते है। इतनी कठिन सेवा करने वाले वनकर्मचारियों के समान अन्य विभाग के कर्मचारियों से एवं भारत वर्ष में कार्यरत वन विभाग के कर्मचारियों से वेतनमान् न्यूनतम है। जो चिंता का विषय होकर मनोवल गिराने वाला है। म0प्र0 के वनांचल में पदस्थ कमचारियों की वेतन विसंगति वर्षो पुरानी है ।


जिसके संबंध में अपर मुख्य सचिव वन रंजना चैधरी के द्वारा वर्ष 2008 में लिखित समझौता शासन द्वारा संघ से किया गया था, जो पूरा नही किया गया । इसी प्रकार दिनांक 004.05.2018 को वनमंत्री गौरीशंकर शेजवार के अध्यक्षता में वन सचिव के0के0सिंह एवं रवि श्रीवास्तव प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन बल प्रमुख आर0के0गुप्ता, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (प्रशासन प्प्) कैप्टन अनिल खरे द्वारा भी संघ के

साथ लिखित अश्वासन दिये जाने के पश्चात भी वेतन विसंगति को दूर नही किया गया । जब पूरे म0प्र0 में भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय पुलिस सेवा, एवं भारतीय वन सेवा के वेतनमान् एक जैसा है ,


साथ ही राज्य स्तर पर राज्य स्तरीय प्रशासनिक सेवा, राज्य स्तरीय पुलिस सेवा, एवं राज्य स्तरीय वन सेवा के वेतनमान् भी समान है परंतु राजस्व विभाग एवं पुलिस विभाग की तुलना में सबसे कठिन कार्य करने वाले वन कर्मचारियों के वेतनमान् न्यूनतम होने से चिंता जनक है।


वन कर्मचारियों के परिवार में तीन जगह जलते हैं चूल्हे
एक जहां पर वह वनांचल में सेवा देता है, दूसरा जहां उसका परिवार रहता है, तीसरा जहां उसके बच्चे अध्ययन करते हैे। यह बिन्दु कार्य क्षमता एवं कार्य की प्रगति के अनुसार बहुत ही लज्जा जनक है,

ऐसे में वनकर्मचारियों का वेतनमान् राजस्व/ कृषि विभाग से कम होना मनोवल गिराने वाला है। म0प्र0 कर्मचारी संघ द्वारा उपरोक्त मांगो के संबंध में कईवार अंदोलन किए गये एवं शासन द्वारा लिखित में समझौता किया गया । तत्कालीन माननीय वन मंत्री सरताज सिंह द्वारा घोषणा की गई तथा माननीय अवनी वैश अपर मुख्य सचिव वन म0प्र0 शासन द्वारा भी अश्वासन दिया गया तत्कालीन श्री राय अपर मुख्य सचिव वन श्री वी0पी0 सिंह ,

अपर मुख्य वन खांडेकर, अपर मुख्य सचिव वन एवं वनमंत्री गौरीशंकर शेजवार द्वारा भी वन कर्मचारियों की वेतन संबंधी मांगो का निराकरण का आश्वासन दिया गया , परंतु आज दिनांक तक वेतन संबंधी समस्याओ का निराकरण न होने से वनकर्मचारी अंदोलन की राह पर निकल पड़े है , जिसके कारण वन एवं वन्यप्राणियों की पूर्ण सुरक्षा का दायित्व शासन का होगा ।वनकर्मचारी अपने दायित्वो को पूर्णताः निभाने का प्रयास कर रहा है परंतु राजनेताओ एवं मंत्रीगण द्वारा वन कर्मचारियों को वन, वन्यप्राणी/वनभूमि पर अतिक्रमण /

अवैध उत्खनन को संरक्षण प्रदान किया जा रहा है। समय समय पर मनोवल गिराने वाली टिप्पणी की जाकर ईमानदारी से कार्य करने वाले कर्मचारी को पताड़ित किया जा रहा है। कोई चोर कह रहा है तो कोई बकरी चोर कह रहा है तो कोई कह रहा है हाथ पैर तोड़ दो । वन कर्मचारी को न तो शासन का संरक्षण है न ही प्रशासन का संरक्षण है एवं वेतनमान् एवं सुविधा भी भारत वर्ष में सबसे कम है।

म0प्र0 से अलग हुए प्रदेश छ0ग0 में भी वन कर्मचारियों का वेतन म0प्र0 से ज्यादा है। म0प्र0 के टाईगर स्टेट का दर्जा दिलाना यह उपलब्धि वन कर्मचारी का ही है , वन कर्मचारी फिर भी सबसे ज्यादा प्रताड़ित है। अतः अंदोलन हेतु मजबूर है।

  • संगठन द्वारा किए जा रहे अंदोलन की रूपरेखा
  • 1- प्रथम चरण दिनांक 14.02.2023 दोपहर 1.00 बजे को जिला मुख्यालय स्तर पर ज्ञापन ।
  • 2- द्वितीय चरण दिनांक 15.03.2023 को स्थानीय विधायक एवं सांसद को ज्ञापन ।
  • 3- तृत्रीय चरण दिनांक 15.04.2023 को भोपाल में रैली एवं धरना ।
  • 4- चतुर्थ चरण दिनांक 01.05.2023 से 05.05.2023 तक शासकीय बंदूके / रिवाल्वर/शासकीय वाहन /शासकीय वस्ता जमा करना।
  • 5- पंचम चरण दिनांक 06.05.2023 से अनिश्चित कालीन हड़ताल ।

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