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REWA NEWS TODAY: कृषि कानून के खिलाफ संयुक्त किसान मोर्चा ने आंदोलन कर सौंपा ज्ञापन


रीवा ।

REWA NEWS TODAY : रीवा । एक तरफ जहां पूरे देश के किसान संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले दिल्ली के विभिन्न सीमाओं में 100 दिन से ज्यादा समय से केंद्र सरकार द्वारा लाए गए किसान विरोधी कानून के विरोध में एवं समर्थन मूल्य को कानूनी

REWA NEWS : दर्जा देने के लिए आंदोलन कर रहे हैं वहीं दूसरी तरफ देश के कई किसान संगठन एवं सामाजिक संगठनों के द्वारा तहसील एवं जिला स्तर में आंदोलन एवं सभा कर कृषि कानून के विरोध में एवं किसान आंदोलन के समर्थन में लोगों को जागरूक कर पूरे देश में आंदोलन की क्रांति जगा रहे हैं। उसी कड़ी में संयुक्त किसान मोर्चा के द्वारा तहसील कार्यालय मझौली के पास भारतीय किसान मजदूर महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रविदत्त सिंह के अध्यक्षता में एवं टोंको- रोको -ठोंको क्रांतिकारी

RAKESH TIKAIT IN REWA
RAKESH TIKAIT IN REWA

MP NEWS : मोर्चा के संयोजक उमेश तिवारी के मुख्य आतिथ्य में तथा द्वारिका प्रसाद बैस ब्लॉक अध्यक्ष भारतीय किसान मजदूर महासंघ मझौली के संयोजन में सभा आयोजित कर दिल्ली में आंदोलनरत किसानों को समर्थन देने एवं तीनों किसान विरोधी कानूनों को रद्द करने को लेकर जहां वक्ताओं द्वारा विचार व्यक्त किया गया वहीं देश व प्रदेश सरकार को किसान विरोधी एवं जन विरोधी साबित करने में भी कोई कोर कसर नहीं छोड़ा गया। सभा को संबोधित करते हुए भारतीय किसान मजदूर महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रविदत्त सिंह ने कहा कि अगर किसानों को दिल्ली जाने पर सरकार रोक रही है तो सरकार के

REWA KI KHABAR : ऐसे लोगों एवं नुमाइंदों को दिल्ली नहीं जाने देने के लिए किसानों को भी मोर्चा खोलने की जरूरत है वहीं कहा गया कि किसान का एक पुत्र देश की सीमा पर देश की सुरक्षा में तैनात रहता है जबकि दूसरा पुत्र खेत में अनाज पैदा करता है ऐसे में किसानों के पुत्र की लाश जब तिरंगे में लिपट कर आती है जिन्हें मार दिया जाता है यानी हत्या कर दी जाती है .

VINDHYA NEWS : अगर मुकाबला करते समय हमारे बेटे मारे जाएं तो मन को समझाया जा सकता है लेकिन उन पर हमला कर मार दिया जाता है जो सरकार की नपुंसक नीति दर्शाती है वही किसान का बेटा जो खेत में काम करते समय काल कल्वित हो जाता है उसके पोस्टमार्टम रिपोर्ट एवं कानूनी प्रक्रिया पूरी करते-करते वह पिता खुद टूट जाता है फिर भी बेशर्म लोग ऐसी सरकार को संवेदनशील एवं किसान हितैषी बता रहे हैं और शहादत में भी फोटो खिंचवाने का नाटक करते हैं। इसलिए अगर देश को बचाना है तो किसान आंदोलन को समर्थन देना चाहिए और जरूरत पड़ने पर सीधी और मझौली के भी किसान दिल्ली जाने को तैयार रहें।


VINDHYA REWA : वही टोंको-रोको-ठोंको क्रांतिकारी मोर्चा के संयोजक उमेश तिवारी ने कहा कि देश में अब लोकतंत्र नहीं रहा लोकतंत्र के चारों स्तम्भ न्यायपालिका, कार्यपालिका, विधायिका और मीडिया सभी लोकतंत्र की अर्थी उठाने लायक हो गए हैं। वही मझौली कि किसानों को कहा गया कि यह किसान सभा के मात्र बीज हैं और जरूरत पड़ने पर यही बीज लाखों की तादात में इकट्ठा होकर दिल्ली में अपनी संख्या बल साबित कर देंगे। आगे कहा गया कि स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश में साफ लिखा है कि अगर देश का किसान जीवित रहे और उसे बचाना है.

REWA : तो समर्थन मूल्य का डेढ़ गुना दाम किसान को मिलना चाहिए। जिसमें तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने भी अमल नहीं किया है और 6 वर्षों से केंद्र में बैठी भाजपा की सरकार भी उस सिफारिश को लागू नहीं किया है उल्टा लोगों के बीच में भ्रम फैलाया जाता है कि समर्थन मूल्य का डेढ़ गुना दाम दिया जाता है लेकिन वही सरकार सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देती है कि स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश को लागू करना संभव नहीं है। केंद्र सरकार के जिम्मेदार कह रहे हैं कि इस कानून में काला क्या है जबकि उस कानून के 20 में से 18 बिंदुओं को सरकार ने स्वीकार किया है कि इनका संशोधन किया जाना चाहिए।

MP KISAAN PROTEST : ऐसे में इससे बड़ा काला क्या हो सकता है जिसे डिडोरा पीट कर किसान हितैषी बताया जा रहा है। वही ठेके की खेती,असीमित भंडारण एवं खुली बाजार के भरोसे किसानों को धकेलना इस पर भी विस्तार से बताया गया। सभा में भारतीय किसान मजदूर महासंघ के संभागीय अध्यक्ष ओम नारायण सिंह द्वारा भी कहा गया की दिल्ली के बॉर्डर में 107 दिन से ज्यादा समय से किसान आंदोलन में बैठे हुए हैं जबकि 2 माह 8 दिन से किसान आंदोलन के समर्थन में एवं किसान विरोधी कानून को रद्द करने की मांग को लेकर रीवा में भी किसान लगातार आंदोलन कर रहे हैं। वही नारा दिया गया कि” देश के भंडार भरेंगे लेकिन कीमत पूरी लेंगे। “फसल हमारी भाव तुम्हारा नहीं चलेगा नहीं चलेगा” कौन बनाता हिंदुस्तान भारत का

मजदूर किसान” जो हमसे टकराएगा वह भूंखों ही मर जाएगा एवं भगवान बलराम की जय कार लगाते हुए किसानों में जोश पैदा किया गया। अन्य वक्ताओं में रामकुमार सिंह मझौली, प्रवीण चतुर्वेदी, मनमोहन सिंह प्रदेश संगठन मंत्री भारतीय किसान किसान मजदूर महासंघ, ददन सिंह जिला अध्यक्ष भारतीय किसान मजदूर महासंघ सीधी एवं कार्यक्रम का संचालन घनश्याम दीक्षित प्रवक्ता भारतीय किसान मजदूर महासंघ ब्लाक मझौली के द्वारा किया गया। सहयोगी किसानों में राम बहोर बैस,

रणजीत सिंह तिवारी एडवोकेट, रघुवंश बैस,नरेंद्र बैस, रोशन लाल बैस, अखिलेश सोनी, गया प्रसाद तिवारी,अवध नरेश बैस, सूर्य प्रकाश पांडे,उमा शंकर पांडे उपाध्यक्ष भारतीय किसान मजदूर, छोटेलाल सिंह कुसमी, महेश बैस एडवोकेट, सुखेन्द्र बैस एडवोकेट, शिव कुमार सिंह टोंको-रोको-ठोको क्रांतिकारी मोर्चा, कामरेड बलराज सिंह जिला सचिव किसान महासभा, महादेव बैस, बालकरण बैगा, मोहन लाल कोल, महेश प्रसाद बैस सहित काफी तादाद में किसान मजदूर एवं ग्रामीण शामिल रहे।

कार्यक्रम के संयोजक द्वारिका प्रसाद बैस द्वारा सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा गया कि कल 14 मार्च को किसान महापंचायत का आयोजन रीवा में होने वाला है जहां अधिक से अधिक किसान महापंचायत में शामिल होकर किसान आंदोलन को समर्थन दें जिसके लिए अपील की गई। सभा समापन के बाद रैली के साथ तहसील मुख्यालय में पहुंच कर ज्ञापन सौंपा गया जिसमें यूनियन की तरफ से राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ व साझा संगठन के द्वारा माननीय राष्ट्रपति महोदय भारत सरकार

नई दिल्ली एवं राज्यपाल महोदय मध्य प्रदेश शासन के नाम ज्ञापन दिया गया है जिसमें कहा गया है कि किसान विरोधी तीनों कानून सरकार वापस ले, स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू की जाए, जिन किसानों की आंदोलन के दौरान दिल्ली में मौत हुई है उन्हें मुआवजा दिया जाए, एम एसपी यानी समर्थन मूल्य पर गारंटी कानून बनाया जाए, 26 जनवरी को दिल्ली में परेड के दौरान पकड़े गए किसानों को छोड़ा जाए, ज्ञापन कलेक्टर जिला सीधी के माध्यम से दिया गया है।

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