Sidhi news : नेशनल लोक अदालत में आपसी सुलह से 993 मामलों का हुआ निराकरण
Sidhi News : कुल 1 करोड़ 12 लाख 35 हजार 112 रूपये की राशि के अवार्ड पारित

Sidhi News : राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार 09 मई 2026 (शनिवार) को जिला न्यायालय सीधी एवं सिविल न्यायालय चुरहट, रामपुर नैकिन तथा मझौली में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया।
नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सीधी श्री प्रयागलाल दिनकर, विशेष न्यायाधीश/प्रभारी अधिकारी नेशनल लोक अदालत सीधी श्री यतीन्द्र कुमार गुरू, अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष श्री बृजेन्द्र सिंह, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री मुकेश कुमार शिवहरे, एवं अन्य न्यायाधीशगण द्वारा जिला न्यायालय परिसर ए.डी.आर. भवन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सीधी में दीप प्रज्वलित कर किया गया।
इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने बताया कि इस वर्ष 2026 की दूसरी नेशनल लोक अदालत है। पूर्व में आयोजित नेशनल लोक अदालत में हमने अच्छा फारफार्मेंस किया है जिससे हमे एवं हमारे न्यायाधीशगण को माननीय उच्च न्यायालय द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान किये गये है और हम आशा करते है कि इस बार दोगुनें उत्साह और प्रतिबद्धता के साथ अधिक से अधिक प्रकरणों का निराकरण किया जायेगा। प्रधान जिला न्यायाधीश ने नेशनल लोक अदालत के सफल आयोजन हेतु सभी से सहयोग की अपेक्षा व्यक्त करते हुए अधिक से अधिक प्रकरणों के निराकरण का आह्वान किया तथा इस वर्ष की द्वितीय नेशनल लोक अदालत की सफलता के लिए सभी को शुभकामनाएं दीं।
अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष श्री बृजेन्द्र सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि नेशनल लोक अदालत केवल प्रकरणों के निराकरण का मंच नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था को और अधिक सरल, सुलभ और मानवीय बनाने की एक प्रभावी पहल है। उन्होंने कहा कि आपसी सहमति एवं संवाद के माध्यम से विवादों का समाधान होने से समय, धन और ऊर्जा की बचत होती है तथा पक्षकारों के बीच आपसी संबंध भी सौहार्दपूर्ण बने रहते हैं। उन्होंने आगे कहा कि लोक अदालतें न्यायपालिका और समाज के बीच समन्वय स्थापित करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं, जहां बिना अनावश्यक विलंब के विवादों का समाधान संभव हो पाता है। श्री सिंह ने अधिवक्ताओं, एवं पक्षकारों से आग्रह किया कि वे अधिक से अधिक लंबित प्रकरणों को नेशनल लोक अदालत में रखकर समझौते के माध्यम से निराकृत कराने में सक्रिय सहयोग प्रदान करें।
जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री मनीष कौशिक ने शुभारंभ कार्यक्रम में उपस्थित हुये समस्त अतिथियों का आभार प्रकट किया। साथ ही नेशनल लोक अदालत के सफल आयोजन में सभी के सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की।
कार्यक्रम में प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय श्री दीपक शर्मा, द्वितीय जिला न्यायाधीश श्री मनीष कुमार श्रीवास्तव, प्रथम जिला न्यायाधीश श्री राकेश कुमार सोनी, तृतीय जिला न्यायाधाीश श्री रवीन्द्र कुमार शर्मा, प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश सीधी के न्यायालय के तृतीय अतिरिक्त न्यायाधीश श्री राकेश जमरा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी श्री विनोद कुमार वर्मा, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी श्री सोनू जैन, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी श्री कपिल देव काछी, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सुश्री सरिता चौधरी, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सुश्री अर्पिता त्रिपाठी, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी श्री धीरज आर्य, न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय श्रेणी श्री आकर्ष मिश्रा, जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री मनीष कौशिक, कार्यपालन यंत्री म.प्र.विद्युत मंडल श्री जन्मेजय सिंह चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल श्री देवेन्द्र प्रसाद मिश्रा, डिप्टी चीफ एलएडीसीएस श्री विनोद कुमार श्रीवास्तव, श्री बाबूलाल सिंह, असिस्टेंट एलएडीसीएस श्री सत्यप्रकाश पाण्डेय, श्री ऋषभ सिंह, सहायक लोक अभियोजन अधिकारी श्री प्रशांत पाण्डेय, अधिवक्तागण श्री राजेन्द्र सिंह परिहार, श्री राजेन्द्र द्विवेदी, सहित समस्त अधिवक्तागण, पैनल लायर्स तथा विद्युत विभाग, बैंक एवं नगरीय निकाय के प्रशासनिक अधिकारीगण, प्रिंट एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया के सदस्य, पैरालीगल वालेंटियर्स एवं जिला न्यायालय सीधी तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री मनीष कौशिक ने जानकारी देते हुए बताया कि नेशनल लोक अदालत में प्रकरणों के निराकरण हेतु जिला मुख्यालय सीधी में 14 खंडपीठे, व्यवहार न्यायालय चुरहट में 04, मझौली में 03 व रामपुर नैकिन में 03 खंडपीठे गठित की जाकर कुल 24 न्यायिक खंडपीठें गठित की गई थी।
नेशनल लोक अदालत में समझौता योग्य आपराधिक, सिविल, विद्युत अधिनियम, श्रम, मोटर दुर्घटना दावा, निगोशियेबल इस्ट्रूमेन्ट एक्ट के अन्तर्गत चेक बाउंस प्रकरण, कुटुम्ब न्यायालय तथा, नगर पालिका के जलकर से संबंधित प्रकरणो के सहित विद्युत वितरण कम्पनी, समस्त बैंकों के ऋण वसूली मुकदमा पूर्व प्री-लिटिगेशन के प्रकरण इस लोक अदालत में निपटारे हेतु रखे गये।
सीधी, चुरहट, रामपुर नैकिन एवं मझौली में आयोजित हुई नेशनल लोक अदालत में न्यायालयों में लम्बित कुल 238 प्रकरण निराकरण हेतु रखे गये जिनमें 237 प्रकरणों का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया। इसी प्रकार कुल 5356 प्री-लिटिगेशन प्रकरण निराकरण हेतु रखे गये जिनमें 756 प्रकरणों का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया। इस प्रकार नेशनल लोक अदालत में कुल 993 प्रकरणों का निराकरण हुआ। मोटर दुर्घटना दावा के अन्तर्गत 8 क्लेम प्रकरण निराकृत किये गये जिसमें पक्षकारों को 44 लाख 75 हजार रूपये की क्षतिपूर्ति राशि प्राप्त हुई। विद्युत अधिनियम से संबंधित एवं न्यायालय में लंबित 16 प्रकरणों का निराकरण किया गया, जिसमें 5 लाख 28 हजार 212 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ तथा विद्युत के 222 प्री-लिटिगेशन प्रकरणों का निराकरण किया गया जिसमें 18 लाख 17 हजार रूपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। नेशनल लोक अदालत में 40 लाख 50 हजार 600 सौ रूपये के चेक बाउंस के 11 प्रकरणों का निराकरण किया गया। नेशनल लोक अदालत में 103 आपराधिक राजीनामा योग्य प्रकरणों, 5 वैवाहिक प्रकरणों, 10 सिविल प्रकरणों तथा 61 अन्य प्रकरणों का निराकरण सफलतापूर्वक किया गया। नेशनल लोक अदालत में बैंक वसूली के 237 प्रीलिटिगेशन जिसमें विभिन्न बैंकों को 26 लाख 81 हजार रूपये से अधिक की राशि प्राप्त हुई। नगरीय निकाय के अन्तर्गत, जलकर के 109 प्रकरणों एवं संपत्तिकर के 184 प्रकरणों का निराकरण किया गया, जिसमें नगरीय निकायों को लगभग 13 लाख 74 हजार 309 रूपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
नेशनल लोक अदालत में राजीनामा करने वाले पक्षकारों को वन विभाग तथा उद्यानिकी विभाग की ओर से निःशुल्क 200 फलदार पौधे प्रदान किये गये।
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